Collateral Meaning in Hindi

अगर आप स्टॉक मार्केट में ट्रेड करते है तो आपका स्टॉकब्रोकर आपको लोन की सुविधा भी प्रदान करता है जिसके अंतर्गत आप अपने ट्रेडिंग मार्जिन को बढ़ा ज़्यादा ट्रेडिंग कर सकते है। लोन में मिले हुए अमाउंट को कोलैटरल मार्जिन कहा जाता है। इसके बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो यहाँ पर collateral meaning in hindi में जाने की कब और कैसे ये अमाउंट शेयर बाजार में ट्रेड करने में लाभदायक है।

Collateral Meaning in Share Market in Hindi 

जैसे की ऊपर बताया गया है collateral amount एक तरह का लोन है जो आप अपने होल्डिंग और शेयर्स के आधार पर अपने स्टॉकब्रोकर से प्राप्त कर सकते है

लोन लेने की प्रक्रिया को pledge of shares कहा जाता है और मिले हुए अमाउंट को कोलैटरल मार्जिन कहा जाता है। इस मार्जिन अमाउंट से आप अपनी ट्रेडिंग लिमिट के साथ ज़्यादा ट्रेड कर अपने मुनाफा कमाने के मौके को भी कई गुना तक बढ़ा सकते है।

इस अमाउंट के बदले स्टॉकब्रोकर आपसे एक निर्धारित इंटरेस्ट रेट प्राप्त करते है

अब जब भी आप अपने शेयर pledge करते है तो वह शेयर्स कोलैटरल की तरह अकाउंट में होल्ड कर अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिए जाते है

यहाँ पर जब तक आप मार्जिन का भुगतान नहीं करते है तब तक आप ब्लॉक शेयर को बेच नहीं सकते। और यहाँ पर अगर आप मार्जिन अमाउंट वापिस करने में असफल होते है तो स्टॉकब्रोकर आना अमाउंट वापिस पाने के लिए प्लेज़ शेयर्स को बेच कर अपने अमाउंट की वसूली करता है।


कोलैटरल मार्जिन कैसे काम करता है?

Collateral meaning को समझने के बाद अब जानते है कि ये किस तरह से काम करता है। मान लेते है कि आपका एक डीमैट खाता है जिसमे 1,00,000 रुपए के शेयर्स है। अब आप एक कंपनी के 100 शेयर में ट्रेड करना चाहते है जिसकी वैल्यू 1000 रुपये प्रति शेयर है, लेकिन आपके पास अभी इतना फण्ड नहीं है।

यहाँ पर अब अपने शेयर्स को प्लेज़ कर ट्रेडिंग कर सकते है, तो मान लेते है की आपने अपने 80,000 रुपये के शेयर प्लेज़ करने का आवेदन किया

अब यहाँ पर स्टॉकब्रोकर प्लेज़ शेयर का मूल्यांकन कर एक वैल्यू निर्धारित करेगा जिसका मूल्य करंट मार्केट प्राइस से थोड़ा कम होता है । ये स्टॉकब्रोकर नुकसान से बचने के लिए करता है, जिससे की अगर स्टॉक का प्राइस आगे चलकर कम भी हो जाए तो ब्रोकर को उसका नुकसान न उठाना पड़े।

इस अमाउंट को स्टॉक मार्केट में हेअरकट (haircut in share market) कहा जाता है। ये स्टॉक कुछ प्रतिशत होता है और स्टॉक के वर्तमान प्रदर्शन और अस्थिरता के अनुसार निर्धारित किया जाता है।

मान लेते है की आपकी होल्डिंग्स पर 5 % हेअरकट लगा यानी की 4000 रुपये तो यहाँ पर आपके ट्रेडिंग अकाउंट में ₹76000 collateral मार्जिन ऐड हो जायेगा

यहाँ पर अगर आप अपने ट्रेड में सफल होते है तो आप collateral margin का भुगतान कर अपने होल्डिंग्स को अन-प्लेज़ कर सकते है

लेकिन अगर आपको नुकसान होता है या किसी कारणवश आप अपने होल्डिंग को अन-प्लेज़ करने में असमर्थ होते है तो वहां पर ब्रोकर एक सीमित अवधि के बाद आपके शेयर्स को बेच अपनी रकम को वसूलेगा


कोलैटरल मार्जिन के फायदे

स्टॉक मार्केट में कोलैटरल मार्जिन के साथ ट्रेड करने से बहुत सारे फायदे जुड़े हैं। इनमें से कुछ इस प्रकार हैं।

  • एक कोलैटरल मार्जिन आपके खरीदने की लिमिट को बढ़ाता है।
  • यह आपको आपने ऑनलाइन डीमैट में अच्छे उपयोग के लिए निष्क्रिय (Idle) शेयर रखने की अनुमति देता है।
  • कोलैटरल मार्जिन आपके कैपिटल पर रेट ऑफ़ रिटर्न बढ़ा सकता है। 
  • यह आपको बाजार में शार्ट-टर्म कीमत के उतार-चढाव से लाभ कमाने की अनुमति देता है

निष्कर्ष


कोलैटरल अमाउंट आपको कई लाभ प्रदान करता है लेकिन आपको यह ध्यान रखना चाहिए की यदि आप वापस भुगतान करने में असमर्थ हो जाते है, तब आप उस स्थिति में अपने प्लेज्ड किए हुए शेयर खो सकते हैं


डीमैट अकाउंट में कोलैटरल अमाउंट एक लोन की तरह उपयोग किया जाता है जैसाकि यह डीमैट अकाउंट में यह निष्क्रिय (Idle) संपत्ति की तरह है
। 

यह ब्रोकर और निवेशक के लिए संपत्ति बनाने के लिए अच्छा’ जरिया हो सकता है। 


कोलैटरल मार्जिन से जुड़े हुए आवश्यक तथ्य


अब आप अपने ऑनलाइन डीमैट अकाउंट में कोलैटरल अमाउंट के अवधारणा (Concept) को समझ चुके हैं
आइए अब कोलैटरल मार्जिन से जुड़े आवश्यक चीजों के बारे में समझते हैं


1. कोलैटरल मार्जिन का लाभ उठाने के लिए क्या कोई शर्त है?


एक निवेशक के तौर पर अपने स्टॉकब्रोकर से कोलैटरल मार्जिन का लाभ लेने के लिए कुछ विशेष शर्तों का पालन करने की जरुरत होती है
। कई स्टॉकब्रोकर यह ऑफर देते हैं और इसके लिए आपको आपने ट्रेडिंग अकाउंट में मार्जिन मूल्य के विशेष प्रतिशत को बनाए रखने की आवश्यकता होती है

 

2. कोलैटरल मार्जिन का उपयोग आप किन चीजों के लिए कर सकते हैं?


आप अपने स्टॉकब्रोकर द्वारा ऑफर की गयी गई कोलैटरल मार्जिन का उपयोग स्टॉक मार्केट में इक्विटी शेयर (equity meaning in hindi) खरीदने के लिए कर सकते हैं
। इसके अतिरिक्त आप डेरीवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स (derivative meaning in hindi) में ट्रेड करने के लिए कर सकते हैं जैसेकि स्टॉक खरीदने और बेचने के लिए।


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