ट्रेडिंग

कहते है न कि “हमारे प्रयास ही हमारी सफलता की नींव है”, इस लिए यदि आपने स्टॉक ट्रेडिंग सीखने का निर्णय लिया है तो हम यहां पर आपको बिल्कुल शुरुआत से बतायेंगे कि स्टॉक ट्रेडिंग क्या है, कैसे काम करता है और स्टॉक मार्केट में ट्रेड कैसे करे?

स्टॉक ट्रेडिंग क्या है? 

स्टॉक ट्रेडिंग का मतलब है कि किसी भी सूचीबृध कंपनी के स्टॉक्स में ट्रेड यानी की खरीदना या बेचना। किसी भी कंपनी के स्टॉक्स खरीदने पर आप उस कंपनी की हिस्सेदारी प्राप्त कर लेते है। 

यहाँ पर जो लोग शेयर बाजार में ट्रेड करते है उन्हें स्टॉक ट्रेडर कहा जाता है

स्टॉक ट्रेडिंग कई प्रकार के होती है, या कहिये की ये कई तरह से की जा सकती है:

  • स्केल्पिग
  • इंट्राडे 
  • स्विंग 
  • पोजिशनल 
  • डिलीवरी ट्रेडिंग  

लेकिन उससे पहले आपके मन में एक सवाल उठ सकता है। मुझे स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग क्यों सीखनी चाहिए?

आप छात्र या युवा पेशेवर या सेवानिवृत्त भी हो सकते हैं। आपकी स्थिति या उम्र जो भी हो, आपके कुछ सपने हो सकते हैं जिन्हें पूरा करना है। और उसके लिए आपको उचित समय पर उचित मात्रा में धन की आवश्यकता होती है और आपने ट्रेडिंग के बारे में सुना है कि ट्रेडिंग आपको अपनी मन चाही जिंदगी दे सकती है, बशर्ते इसे आप अच्छी तरह से सीख ले और इसे व्यापार की तरह माने।

इसका मतलब यह नहीं है कि शेयर बाजार में निवेश या ट्रेड करने के लिए आपके पास लाखों और लाखों का मालिक होना चाहिए। यहां तक ​​कि न्यूनतम 10 हजार रुपये से भी आप अपनी ट्रेडिंग यात्रा की शुरुआत कर सकते है। 

आप एक सही शुरुआत के लिए स्टॉक मार्केट कोर्स ले सकते है जिसके लिए आप स्टॉक मार्केट से जुड़ी किताबें (stock market books in hindi) पढ़ सकते है


ट्रेडिंग के प्रकार

शेयर बाजार एक विशाल विषय है। इसके अलावा, इसमें चुनने के लिए विभिन्न प्रकार की ट्रेड शैली हैं। आप उस ट्रेडिंग शैली को चुन सकते हैं जो आपको सबसे अधिक सूट करे। यह मुख्य आपके लक्ष्यों पर निर्भर करता है जिन्हें आप प्राप्त करना चाहते हैं।

उदाहरण के लिए, यदि आप वैल्थ बनाना चाहते हैं तो आप लंबी अवधि के निवेश का विकल्प चुन सकते हैं। इसी तरह अगर आप जल्दी पैसा कमाना चाहते हैं तो शॉर्ट टर्म ट्रेड का विकल्प चुनें। इसी तरह यदि आप डिलीवरी में ट्रेड करना नही चाहते हैं, तो आप इंट्राडे ट्रेडिंग का विकल्प चुन सकते हैं।

हर ट्रेडिंग स्टाइल के अपने फायदे और नुकसान होते हैं। इसलिए, इससे पहले कि आप अपने लिए ट्रेडिंग शैली का चुनाव करे, आपको इसके बारे में गहराई से पता होना चाहिए। क्योंकि आप अपनी मेहनत की कमाई को शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं। अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप सही ट्रेडिंग शैली चुनने के लिए खुद को शिक्षित करना महत्वपूर्ण है।

यहां हम आपके साथ भारत में होने वाले विभिन्न प्रकार के स्टॉक मार्केट ट्रेड को साझा करेंगे, जो आपको सही ट्रेडिंग शैली चुनने में मदद करेंगी।

#1 स्कल्पिंग 

स्कैल्पिंग एक ट्रेडिंग शैली है जिसमें सबसे छोटा ट्रेड चक्र होता है इसका नाम स्कैल्पिंग इसलिए पड़ा क्योंकि ट्रेडर्स जो शैली को “स्कैलपर्स” के रूप में जाना जाता है – एक ट्रेडिंग दिन में बड़ी संख्या में ट्रेडों से छोटे मुनाफे को समय में करने के लिए बाजार में प्रवेश करते हैं और बाहर निकलते हैं। उनका लक्ष्य एक सिर्फ कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाना है। ये शुरुआती ट्रेडर्स के लिए नही है क्योंकि बहुत तेज execution की आवश्यकता होती है इस लिए नये ट्रेडर्स इस से जरा दूर रहे।

#2 Intraday Trading in Hindi 

इंट्राडे ट्रेडिंग  को डे ट्रेड के रूप में भी जाना जाता है। इस प्रकार के ट्रेड में ट्रेडर्स एक ही दिन शेयरों को खरीदता और बेचता है। वह एक ही दिन में कितनी भी बार स्टॉक में प्रवेश कर सकता है। यहां ट्रेडर कुछ सेकंड या कुछ घंटों के लिए या ट्रेडिंग सत्र के अंत तक स्टॉक रख सकता है। दूसरे शब्दों में उसे बाजार बंद होने के समय से पहले अपना ट्रेड बंद करना होगा।

इंट्राडे ट्रेडिंग सक्रिय ट्रेडर्स के लिए है यह उन्हें जल्दी पैसा कमाने की अनुमति देता है हालांकि यह उतना ही जोखिम भरा है। इसके लिए तेजी से निर्णय लेने और त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है। एक सही स्टॉक विश्लेषण के लिए आप इंडीकेटर्स का इस्तेमाल कर सकते है, साथ ही इंट्राडे ट्रेडिंग फॉर्मूला का इस्तेमाल कर स्टॉक के सपोर्ट और रेजिस्टेंस की जानकारी प्राप्त कर ट्रेड कर सकते है। 

एक सही शुरआत नए ट्रेडर्स के लिए मुनाफे कमाने का जरिया बन सकती है।

#3 स्विंग ट्रेडिंग

स्विंग ट्रेडिंग कम से कम 1 दिन और कई हफ्तों तक बाजार के उतार-चढ़ाव से लाभ उठाने की कोशिश करने एक तरीका है। यदि स्टॉप लॉस तकनीकों का उपयोग करके नुकसान को स्वीकार्य स्तर तक रखा जा सकता है, तो स्विंग ट्रेडिंग लाभदायक हो सकती है और अल्पकालिक और दीर्घकालिक बाजार उतार – चढाव दोनों के बारे में जानने के लिए एक अच्छा परिप्रेक्ष्य प्रदान कर सकती है।

स्विंग ट्रेडिंग का नकारात्मक पक्ष यह है कि आपको ट्रेडों को मैंनेज करने के लिए हर समय कड़ी मेहनत करनी होगी, जिसका अर्थ है कि आप बाजार की चाल के कारण संभावित मुनाफे से चूक सकते हैं।

#4 पोजीशनल ट्रेडिंग

पोजीशनल ट्रेडिंग एक लोकप्रिय दीर्घकालिक ट्रेडिंग शैली है जो व्यक्तिगत ट्रेडर्स को कुछ हप्तों से कुछ महिनों की अवधि के लिए एक ट्रेड रखने की अनुमति देती है, पोजीशनल ट्रेडर अल्पकालिक मूवमेंट की उपेक्षा करते हैं और अधिक सटीक मौलिक विश्लेषण और दीर्घकालिक रुझानों पर भरोसा करना पसंद करते हैं।

#5 डिलीवरी ट्रेडिंग 

एक दीर्घकालिक निवेश एक ऐसी शैली है जिसे ज्यादातर लोग अपनाते है, ये उन के लिए बिलकुल सही है जो लम्बे समय में वैल्थ बनाना चाहते है। अगर आप एक साल से ज्यादा किसी भी कंपनी के शेयरों को अपने डीमेट खाते में रखते है तो वह लॉन्ग्टर्म निवेश कहलाता है।

लॉन्ग्टर्म निवेश करने के लिए आपको उस कंपनी के बारे में अच्छे से रिसर्च करनी होती है जिसमें आप निवेश करना चाहते है। लंबी अवधि के निवेशक आमतौर पर उच्च लाभ के लिए अधिक जोखिम लेने के इच्छुक होते हैं। यहाँ पर लाभ और ज़्यादा रिटर्न कमाने के लिए निवेशक को एक सही स्ट्रेटेजी के साथ डिलीवरी ट्रेडिंग नियमो (delivery trading rules in hindi) का भी पालन करें


स्टॉक ट्रेडिंग कैसे करते है?

स्टॉक ट्रेडिंग निवेश का एक रूप है जिसमें हम स्टॉक में ट्रेड कर लाभ कमाते है। लेकिन ध्यान रहे  ये उचित ज्ञान के बिना यह जोखिम भरा हो सकता है।

स्टॉक ट्रेड में कीमतों में दैनिक परिवर्तन पर पैसा बनाने के प्रयास में कंपनियों में शेयर खरीदना और बेचना शामिल है। यह अल्पकालिक दृष्टिकोण स्टॉक ट्रेडर्स को पारंपरिक शेयर बाजार निवेशकों से अलग करता है जो लंबी अवधि के लिए इसमें बने रहते हैं।

जबकि स्टॉक ट्रेड उन लोगों के लिए त्वरित लाभ ला सकता है जो बाजार को सही ढंग से समय देते हैं, इसमें पर्याप्त नुकसान का खतरा भी होता है। एक स्टॉक की कीमत तेजी से बढ़ सकती है, लेकिन वे उतनी ही आसानी से गिर सकती हैं। इसलिए ज़रूरी है की शेयर बाजार के फायदे और नुक़सान से अवगत होकर ही आप ट्रेड शुरू करें।

साथ ही यह पर शुरूआती ट्रेडर्स को वित्तीय सलाहकार की कुछ ख़ास बाते ऐसे किस कम पूँजी के साथ ट्रेड करना, लालच से दूर रहना इत्यादि सलाह को मानकर ही स्टॉक मार्केट में ट्रेड करना चाहिए।

स्टॉक ट्रेडिंग को अच्छे से करने के लिए ज़रूरी है सही ज्ञान और समझ, जिसके लिए आप अलग-अलग माध्यम से स्टॉक ट्रेडिंग सीख सकते है। इसके बाद ट्रेड शुरू करने के लिए आपको 6 चरणों का पालन करना होगा, जो निम्नलिखित है:

  1. ब्रोकरेज खाता खोलें

स्टॉक ट्रेडिंग करने के लिए आपको सबसे पहले एक डीमेट और ट्रेडिंग खाता खोलना होगा, जहां पर आप किसी भी कंपनी के शेयरों में ट्रेड कर सके। स्टॉक ट्रेडिंग में खाते के लिए धन की आवश्यकता होती है – ये एक विशिष्ट प्रकार का खाता है जिसे निवेश या ट्रेड करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

यदि आपके पास पहले से कोई खाता नहीं है, तो आप कुछ ही मिनटों में एक ऑनलाइन ब्रोकर के साथ एक खाता खोल सकते हैं। लेकिन चिंता न करें, खाता खोलने का मतलब यह नहीं है कि आप अभी तक अपना पैसा निवेश कर रहे हैं। एक बार तैयार होने के बाद यह आपको ऐसा करने का विकल्प देता है।

  1. स्टॉक ट्रेडिंग बजट सेट करें।

अव अगर आपका ब्रोकरेज खाता खुल गया है, तो अभी आपको ये निर्णय लेना है कि कितने रुपयें के साथ अपनी स्टॉक ट्रेड यात्रा को शुरु करना है। लेकिन आप भी जानते है कि शेयर मार्केट में जोकिम रहता है इसलिए हमारी सलाह है कि शुरुआत कम कैपिटल के साथ ही करना।

क्योंकि जोखिम का प्रबंधन करने के लिए यह एकमात्र नियम नहीं है। अन्य क्या करें और क्या न करें में शामिल हैं:

    • केवल उतनी ही राशि का निवेश करें जिसे आप खोने का जोखिम उठा सकते हैं।
    • डाउन पेमेंट या ट्यूशन जैसे निकट-अवधि, अवश्य-भुगतान खर्चों के लिए निर्धारित धन का उपयोग न करें।
    • इसलिए सिर्फ ऐसा पैसा लेकर शेयर बाजार में आए जिसकी आपको नजदिकी समय में जरुरत न हो।
  1. मार्केट ऑर्डर और लिमिट ऑर्डर का उपयोग करना सीखें।

एक बार जब आपके पास अपना ब्रोकरेज खाता और बजट हो, तो आप अपने स्टॉक ट्रेडों को रखने के लिए अपने ऑनलाइन ब्रोकर की वेबसाइट एप का उपयोग कर सकते हैं। आपको ऑर्डर प्रकारों के लिए कई विकल्प प्रस्तुत किए जाएंगे, जो यह निर्धारित करते हैं कि आपका ट्रेड कैसे चलता है। लेकिन ये दो सबसे सामान्य प्रकार हैं:

मार्केट ऑर्डर: सर्वोत्तम उपलब्ध मूल्य पर स्टॉक को जल्द से जल्द खरीदता या बेचता है।

लिमिट ऑर्डर: स्टॉक को केवल आपके द्वारा निर्धारित विशिष्ट कीमत पर या उससे बेहतर पर खरीदता या बेचता है। एक खरीद आदेश के लिए, सीमा मूल्य वह अधिकतम होगा जो आप भुगतान करने को तैयार हैं और ऑर्डर तभी पूरा होगा जब स्टॉक की कीमत उस राशि के बराबर या कम हो जाएगी।

  1. वर्चुअल ट्रेडिंग अकाउंट के साथ अभ्यास करें।

जब हम शुरुआती समय में अपने पैसो से ट्रेडिंग करते है तो हमसे बहुत सारी गलतियां होती है जिनकी बजह से हमें भारी नुकसान उठाना पढता है। इस परेशानी से बचने के लिए शुरुआती समय में हमें वर्चुअल ट्रेडिंग के साथ शुरुआत करनी चाहिए। 

वर्चुअल ट्रेड या पेपर ट्रेडिंग से ग्राहक अपने ट्रेडिंग कौशल का परीक्षण कर सकते हैं और वास्तविक पैसा लाइन में लगाने से पहले एक ट्रैक रिकॉर्ड बना सकते हैं। वर्चुअल ट्रेडिंग के लिए बहुत सारे ऐप और वेवसाईट मौजुद है जिन पर खाता बना कर आप फ्री में ट्रेडिंग की प्रेक्टिस कर सकते है। 

  1. शेयर मार्केट को समझे।

कुछ भी करने से पहले हमें उस चीज को सीखना होता है तभी हम उस काम को कर पाते है, ठीक इसी प्रकार स्टॉक ट्रेडिंग की शुरुआत करने से पहले, शेयर मार्केट के वुनियादी ज्ञान को अच्छे से समझ ले और स्टॉक ट्रेडिंग के लिए जरुरी स्ट्रेटजी भी सीख ले जो कि आपको शेयर मार्केट में आपको लाभ कमाने में मदद कर सके। नीचे आपको पूरा प्रोसेस दिया है कि आपको स्टॉक ट्रेड सीखने की शुरुआत जैसे करनी है।

स्टॉक ट्रेडिंग सीखने के लिए ये प्रोसेस फोलो करे –

  • शेयर का वुनियादी ज्ञान
  • टेक्नीकल एनालिसीस
  • प्राइस एक्शन टेक्निक
  • स्ट्रेटजी
  • माइंडसेट
  • मनी मनैजमेंट
  1. अपना नजरिया सकारात्न्मक रखें।

एक सफल ट्रेडर होने के लिए हर किसी के सामने अगला शानदार ब्रेकआउट स्टॉक खोजने की आवश्यकता नहीं है। जब तक आप सुनते हैं कि एक निश्चित स्टॉक एक ब्रेकआउट के लिए तैयार है, तो हजारों पेशेवर ट्रेडर्स हैं, और संभावित संभावना पहले से ही स्टॉक में कीमत की जा चुकी है।

त्वरित लाभ कमाने में बहुत देर हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपको पार्टी में बहुत देर हो चुकी है। वास्तव में महान ट्रेडर वर्षों तक अपने माइंडसेट पर काम करते है और ट्रेड के दौरान अपने आपको को सकारमक रखते है। इस लिए अपना नजरिया सकारात्न्मक रखने की आदत डाल लो।


स्टॉक ट्रेडिंग में जोखिमों को कैसे कम करें?

जब भी आप निवेशक या ट्रेडर्स मार्केट में आते हैं, तो वह सोचते है कि कोई अच्छी स्ट्रेटजी हाथ लग जाए फिर तो पैसा ही पैसा होगा। और इसी मानसिकता के कारण वह अपने पैसे को गंवा देते है। आपको पैसा कमाने से ज्यादा अपने पैसे को बचाना सीखना है, तभी आप स्टॉक मार्केट में बने रह सकते है। नीचे आपको कुछ सलाह दी गई है उन्हे फोलो जरुर करे।

  1. कम पोशिशन साईज

शुरुआती दौर में आपको ज्यादा अनुभव नही है कि मार्केट कैसे काम कर रहा है और इस समय आपसे बहुत सारी गलतियां होने बाली है इस लिए सिर्फ एक ही तरीका है जिससे आप अपने नुकसान को कम कर सकते है वह कम पोशिशन के साथ ट्रेड करना।

  1. ‘हॉट टिप्स’ पर ध्यान न दें।

ऑनलाइन स्टॉक-पिकिंग फ़ोरम में पोस्ट करने वाले और प्रायोजित विज्ञापनों के लिए भुगतान करने वाले निश्चित स्टॉक की बात करने वाले लोग आपके मित्र नहीं हैं। कई मामलों में, वे एक पंप-एंड-डंप रैकेट का हिस्सा होते हैं, जहां लोग एक अल्पज्ञात, कम कारोबार वाली कंपनी में शेयरों को खरीदते हैं और इसे प्रचारित करने के लिए इंटरनेट पर हिट करते हैं।

जैसे ही अनजाने निवेशक शेयरों पर ट्रेड करते हैं और कीमतों को बढ़ाते हैं, वह अपना मुनाफा लेते हैं, अपने शेयरों को डंप करते हैं और स्टॉक को वापस धरती पर भेजते हैं। उनकी जेब ढीली करने में उनकी मदद न करें। इस लिए हॉट ‘शेयर मार्केट टिप्स‘ के चक्कर में न पढे।

  1. स्टॉप लॉस का उपयोंग करे।

स्टॉप लॉस (stop loss meaning in hindi) एक ट्रेडर या निवेशक को भारी नुकसान से बचाता है, कभी – कभी ऐसा होता है हमें लगता है कि ट्रेड सेटअप बहुत अच्छा है और इस बजह से हम स्टॉप लॉस नही लगाते है और अचानक से मार्केट हमारी अपोजिट दिशा में जाने लगता है और हमारा नुकशान बढता जाता है। तो तरह के नुकसान से बचने के लिए स्टॉप लॉस का उपयोग करे।

स्टॉप लॉस लगाकर अपना नुक्सान सीमित करने के लिए ज़रूरी है कि आप सही ट्रिगर प्राइस (trigger price meaning in hindi) में जानकारी ले और उसके अनुसार स्टॉक मार्केट में ट्रेड करे


निष्कर्ष

स्टॉक मार्केट आपको ट्रेडिंग करने के अलग-अलग विकल्प प्रदान करता है, बस ज़रूरी है अपनी समझ और जानकारी के अनुसार एक सही ऑप्शन को चुनना। 

बेहतर है की एक नया ट्रेडर स्टॉक मार्केट के पूरे ज्ञान और उसके जोखिमों से अवगत होकर ही स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग करने का निर्णय ले, यहां पर आपके सफर को आसान बनाने के लिए आप स्टॉक मार्केट कोर्स ले सकते है। 


अक्सर पूछे जाने वाले सबाल-

प्रश्न :- ट्रेडिंग क्या है?

उत्तर :- एक ट्रेडर वह व्यक्ति होता है जो किसी भी वित्तीय बाजार में शेयरों की खरीद और बिक्री में शामिल होता है।

प्रश्न :- ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती हैं?

उत्तर :- ट्रेडिंग मुख्य्त: चार प्रकार की होती है- स्कैल्पिंग, डे ट्रेडिंग, स्विंग ट्रेडिंग, पोजीशन ट्रेडिंग और एक और होता है जिसे हम लॉन्गटर्म निवेश कहते है। 

प्रश्न :- शुरुआती लोगों के लिए कौन सा ट्रेडिंग सबसे अच्छा है?

उत्तर :- मुझे लगता है कि नये ट्रेडर के लिए सबसे सही स्विंग ट्रेडिंग है, फिर जैसे – जैसे आप मार्केट के वारे में समझने लगे फिर आप डे ट्रेडिंग में आ सकते है।

प्रश्न :- क्या डे ट्रेडिंग जुए की तरह है?

उत्तर :- ये उन लोगो के लिए जुए की तरह ही है जो विना किसी ज्ञान के, ट्रेड करते है। लेकिन यदि आप सारी चीजे सीखने के बाद डे ट्रेडिंग में आए है तो ये आपके लिए एक व्यापार है। 

प्रश्न :- क्या ट्रेडिंग निवेश से बेहतर है?

उत्तर :- निवेश का मतलब आमतौर पर लंवी अवधि मे अच्छा मुनाफा करना है, लेकिन नुकसान भी शामिल होता है। और यदि आप कम समय ज्यादा मुनाफा करना चाहते है तो ट्रेडिंग सबसे सही है लेकिन ध्यान रहे इसमें जोकिम भी ज्यादा है। यदि जोखिम कम करना और वैल्थ बनाना आपका मुख्य लक्ष्य हैं, तो आप लंबी अवधि के निवेश के साथ रहना चाहेंगे।


 

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