शेयर बाजार के फायदे और नुकसान

शेयर मार्केट में निवेश करने से पहले मार्केट की बेसिक जानकारी (share market knowledge in hindi) और उसके साथ फायदे और नुकसान के बारे में जानना काफी ज़रूरी हो जाता है।

सोच रहे है ऐसा क्यों?  

एक तरफ जहां ज्यादा रिटर्न पाने के मामले में शेयर मार्किट सबसे अच्छी जगह मानी जाती है और नए निवेहको को आकर्षित आकर्षित करती है वही कम समझ के साथ निवेश करने में ये इन्वेस्टमेंट आपके नुकसान का कारण भी बन सकती है। 

कुछ लोग शेयर बाजार की तुलना गेम्बलिंग से भी करते हैं लेकिन ये तुलना सही नहीं कही जा सकती है क्योंकि यहां अगर आप कुछ चीजों की तैयारी कर मार्केट में उतरें तो जोखिम से बच सकते हैं जबकि गेम्बलिंग में ऐसी कोई प्लानिंग काम नहीं आती है। 

इसलिए आगे जब लोग आपके सामने शेयर मार्केट की तुलना गेम्बलिंग से करें तो आप उन्हें इस तर्क के साथ गलत साबित कर सकते हैं। 

शेयर मार्केट में प्रतिक्षण उतार-चढ़ाव होते रहते हैं जिसके कारण शेयरों की कीमत बदलते रहती है। मार्केट में ये बदलाव राजनीतिक, आर्थिक और अन्य कई कारणों से होते हैं। इसलिए जरूरी है कि आप शेयर मार्केट में लाभ कमाने के उद्देश्य से तो आएं साथ ही जोखिम के लिए भी तैयार रहें।

शेयर मार्केट के फायदे 

शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करने के पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य लाभ कमाना होता है। ये बात बहुत हद तक सच भी है क्योंकि शेयर मार्केट बैंक बचत खाता, फिक्स्ड डिपॉजिट(एफडी) जैसे अन्य इन्वेस्टमेंट की तुलना में सबसे ज्यादा रिटर्न देते हैं। इसलिए बात सबसे पहले शेयर मार्केट में आने के फायदे के बारे में कर लेते हैं।

1. कम समय में ज्यादा रिटर्न

लोगों के बीच यह आम धारणा है कि ज्यादा रिटर्न पाने के लिए लांग टर्म इन्वेस्टमेंट की आवश्यकता होती है। इसका सबसे अच्छा उदाहरण हमारे सामने फिक्स्ड डिपॉजिट(एफडी) के रूप में मौजूद है।

लेकिन शेयर मार्केट में बेहद कम समय अंतराल में अच्छा-खासा रिटर्न हासिल किया जा सकता है। इन्वेस्टमेंट के बाकी ऑप्शन में जहां हमें ज्यादा रिटर्न पाने के लिए सालों इंतजार करना पड़ता है वहीं आप शेयर मार्केट में कुछ दिनों, महिनों या फिर इंट्राडे ट्रेडिंग (intraday trading in hindi) के माध्यम से केवल एक दिन में ज्यादा रिटर्न पा सकते हैं।


2. कंपनी में हिस्सेदारी

शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करना न केवल आपके लाभ कमाने का जरिया है बल्कि इसमें आप शेयर के रूप में कंपनी में हिस्सेदारी भी पाते हैं। इसका मतलब ये होता है कि कंपनी का लाभ आपके लाभ से जुड़ जाता है।

जब भी कंपनी को फायदा होगा उस फायदे में भी आप हिस्सेदार होंगे। यहां आपको मिलने वाला लाभ असीमित होता है जोकि शेयर मार्केट में निवेश को बाकियों से अलग बनाता है। इसके अलावा आपको कुछ शेयरों में लाभांश (dividend)और बोनस भी मिलते हैं।

इसके साथ आप कुछ कंपनी में निवेश कर डिविडेंड के रूप में उनके मुनाफे में भी हिस्सेदारी प्राप्त कर सकते है। अगर आप शेयर मार्केट में नए है तो जाने डिविडेंड मीनिंग इन हिंदी और जाने की किस तरह से डिविडेंड शेयर्स आपके लाभ को बढ़ा सकता है


3. कंपनी के निर्णय में आपकी भागीदारिता

आप के द्वारा खरीदे गए शेयर की संख्या कम ही क्यों न हो ये आपको कंपनी में छोटा ही सही पर भागीदार बनाती है। आप वोटिंग के जरिए कंपनी के निर्णयों पर अपनी राय भी कर रख सकते हैं। 

अप्रत्यक्ष रूप से देखा जाए तो कंपनी के फैसलों को आप प्रभावित करते हैं। यदि आपको लगता है कि कंपनी का फैसला सही है तो समर्थन में या फिर कंपनी के खिलााफ भी वोट कर सकते हैं।


4. टैक्स लाभ

शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट  के फायदे की बात करें तो यह आपको अतिरिक्त टैक्स से बचाता है। इसके पीछे कारण साफ है क्योंकि यदि आप लांग टर्म लगभग 12 महीनों से ज्यादा के लिए इन्वेस्ट करते हैं तो आपको 10 प्रतिशत टैक्स देना पड़ता है।

इसके विपरीत यदि आप शॉर्ट टर्म यानि 12 महीनों से कम समय के लिए इन्वेस्ट करते हैं तो आपको 15 प्रतिशत के अलावा 3 प्रतिशत सेस के रूप में टैक्स देना पड़ता है। 

शेयर मार्केट में निवेश आपको ऐसे टैक्स से बचाता भी है और यदि कुछ सुझावों के साथ मार्केट में निवेश करें तो रिटर्न भी ज्यादा देता है।


5. सुरक्षित निवेश वातावरण

जब कोई ट्रेडर और निवेशक अपने पैसे कहीं लगाता है तो उसके सामने सबसे बड़ी चिंता ये होती है कि वो कितना सुरक्षित है?

वो जिस कंपनी में पैसे लगा रहा है उसका नियंत्रण कौन कर रहा है, क्या वो कभी धोखा तो नहीं देगी। सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया( SEBI), इन सारे असुरक्षा के भाव को दूर करता है। सेबी भारत के फाइनेंशियल मार्केट को नियंत्रित करता है और ट्रेडर को सुरक्षित निवेश का वातावरण प्रदान करता है।

शेयर मार्केट मे निवेश के साथ जितनी संभावना लाभ कमाने की होती है उतनी ही आशंका नुकसान की भी होती है। यहाँ पर हर कोई चाहता है ज़्यादा लाभ कमाना लेकिन उसके लिए फंडामेंटल एनालिसिस की किताबे (fundamental analysis books in hindi) या शेयर मार्केट की कुछ बेहतरीन पुस्तके (share market books in hindi) पढ़ सकते है।

खैर पूरे ज्ञान और समझ के साथ शेयर मार्केट में निवेश करने से आप अपने नुकसान को कम कर सकते है लेकिन फिर भी हर मुनाफे के साथ कुछ रिस्क और नुकसान जुड़े होते है जिसका विवरण नीचे दिया गया है


शेयर मार्केट के नुकसान

शेयर मार्केट में इन्वेस्ट से जहां कम समय में लोग ज्यादा रिटर्न, कंपनी में अपनी हिस्सेदारी, टैक्स लाभ, कंपनी के निर्णयों में भागीदारिता पाते हैं वहीं इसका नुकसान भी है।

आइए शेयर बाजार में निवेश के नुकसान के बारे में जानें और चर्चा करें।

1. स्थिरता का अभाव

शेयर मार्केट में प्रतिक्षण आने वाली अस्थिरता इन्वेस्टर्स के लिए कभी-कभी बड़ा नुकसानदेह साबित होती है। मार्केट में बदलाव के चलते शेयरों के प्राइस में भी तेजी से बदलाव होता है। इस कारण ट्रेडर को नुकसान उठाना पड़ता है।

इसे एक उदाहरण की मदद से समझते हैं। किसी ट्रेडर ने स्टॉक ट्रेडिंग की है और उसने 100 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से 150 शेयर इस उम्मीद से खरीदे कि शेयर प्राइस कम से कम 110 या 115 तक ऊपर जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 

शुरुआती कुछ मिनटों में शेयर प्राइस में बढ़ोतरी भी हुई लेकिन फिर अचानक शेयर के प्राइस लगातार नीचे गिरते गए। इस स्थिति में ट्रेडर को अच्छा-खासा नुकसान झेलना पड़ता है।


2. लाभांश में कमी

कुछ कंपनी अपने शेयर धारकों को लाभांश भी प्रदान करती है। इस उम्मीद में ज्यादातर लोग इसमें इन्वेस्ट करते हैं लेकिन यहां वो भूल जाते हैं कि लाभांश पाने के मामले में वो कंपनी के प्राथमिकता सूची में सबसे आखिर में आते हैं।

कंपनी के लाभ में बड़ा हिस्सा सबसे पहले कंपनी के कर्मचारियों, आपूर्तिकर्ताओं, लेनदारों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होता है। इसके बाद जो लाभांश बचता है वो शेयर धारकों में वितरित किया जाता है।


3. भावनापूर्ण निर्णय लेना

नए ट्रेडर जब भी शेयर खरीदते हैं तो उन्हें उम्मीद होती है कि शेयर प्राइस में उछाल आएगा। लेकिन वोलैटिलिटी के कारण शेयर प्राइस तेजी से ऊपर-नीचे होते हैं। जब शेयर प्राइस नीचे जाता है तो ट्रेडर इस डर में कि ये और नीचे जा सकता है कम प्राइस में ही शेयर बेच देते हैं।

यह निर्णय नुकसानदायक होता है क्योंकि हो सकता है कि कुछ समय बाद शेयर प्राइस में फिर से उछाल आ जाए। इसलिए शेयर खरीदने और बेचने के वक्त अपनी भावनाओं और डर पर काबू रखना चाहिए।


4. अधिकारों में कमी

यूं तो किसी कंपनी के शेयर खरीदने के बाद ट्रेडर कंपनी का हिस्सेदार बन जाता है। इसके अलावा वो कंपनी के निर्णयों में वोटिंग के माध्यम से शामिल भी होता है। लेकिन उनकी वोटिंग का यह अधिकार कंपनी के निर्णयों को प्रभावित नहीं करता है। 

इसके अलावा वे कंपनी जाकर कंपनी से किसी भी तरह का प्रमाण या कंपनी से जुड़े रिकॉर्ड नहीं देख सकता है। कंपनी चाहे तो अपने फायदे के लिए झूठी जानकारियां भी दे सकती है। यहां ट्रेडर के पास उनकी सूचना को सत्यापित करने का विकल्प नहीं होता है।


5. शेयर खरीदने के लिए ब्रोकरेज शुल्क

 शेयर मार्केट में निवेश शेयर खरीदकर किया जाता है। इसके लिए आपको स्टॉक ब्रोकर की मदद लेनी पड़ती है। स्टॉक ब्रोकर इसके लिए ट्रेडर से ब्रोकरेज शुल्क लेती है। ये शुल्क अलग-अलग ब्रोकर्स के लिए अलग-अलग हो सकती है।

यदि आप शेयर मार्केट में निवेश करने की सोच रहे तो हैं तो इन नुकसानों को हमेशा ध्यान में रखें। इससे आप अपने निवेश की योजनाओं को सही तरीके से लागू कर पाएंगे।


शेयर मार्केट टिप्स

शेयर मार्केट में नुकसान तो हो सकता है लेकिन इससे बचने के भी कुछ टिप्स है जिसका उल्लेख यहाँ पर किया गया है:

1.कंपनी के बारे में बिना जाने न करें निवेश

आप शेयर मार्केट में अनुभवी हो या फिर नए सबसे जरूरी चीज है कि जिस कंपनी में आप निवेश कर रहे हैं उसके बारे में ज्यादा से ज्यादा रिसर्च करें। 

अपने रिसर्च में इन सवालों के जवाब तलाशें

  • कंपनी कितनी पुरानी है?
  • पिछले कुछ सालों में कंपनी का परफॉर्मेंस कैसा रहा है
  • मंदी के दौर में कंपनी का परफॉर्मेंस कैसा रहा है?
  • कंपनी की ग्रोथ रेट क्या रही है?

इन सब पहलूओं का आंकलन आप शेयर मार्केट के गणित का उपयोग करके कर सकते हैयदि आपने निवेश करने से पहले आपको कंपनी के बारे में इन सवालों के जवाब पता हैं तो ये आपके जोखिम की आशंका को कम करेगा और रिटर्न बढ़ाएगा।

2. पोर्टफोलियो में विविधता रखें

नए ट्रेडरों में अक्सर ये देखा जाता है कि लोग एक या दो सेक्टर की कंपनियों में ही इन्वेस्ट करते हैं जबकि सही तरीका है कि अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाएं। एक कंपनी के ज्यादा शेयर खरीदने की जगह अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों के शेयर खरीदें।

ऐसा करने पर मार्केट में आई तेजी या मंदी के बाद भी ट्रेडर लाभ और हानि के बीच संतुलन बनाए रखने में कामयाब रहता है। 

3. दूसरों के पोर्टफोलियो को फॉलो न करें

कभी-कभी ट्रेडर खुद मेहनत करने की जगह पर किसी सफल निवेशकों के पोर्टफोलियो को कॉपी करते हैं। कभी-कभी ये फायदेमंद हो सकता है लेकिन ज्यादातर यह नुकसानदायक होता है। 

सभी के निवेश की अलग-अलग योजना होती है ऐसे में किसी और के पोर्टफोलियो को फॉलो करना आपकी योजना के खिलाफ जा सकता है, इसलिए इससे बचना चाहिए।

4. भावनात्मक निर्णय लेने से बचें

शेयर मार्केट में निवेश संबंधी निर्णय बहुत सोच समझकर लेने चाहिए। इंट्राडे ट्रेडिंग करने के लिए सही प्राइस की जानकारी ले जिसके लिए आप इंट्राडे ट्रेडिंग फॉर्मूला का भी उपयोग कर सकते है जो आपको स्टॉक के सपोर्ट और रेजिस्टेंस की जानकारी देता है। में कोई भी भावनात्मक निर्णय आपको भारी नुकसान करा सकती है। 

उदाहरण के तौर पर यदि किसी शेयर का प्राइस ऊपर-नीचे जा रहा है तो उस डर से आप निर्णय न लें क्योंकि यदि आप मार्केट में नए हैं तो आपको पता होगा कि मार्केट ट्रेंड प्रतिक्षण बदलता है।

5. अपनी रणनीति पर कायम रहें

कोई भी ट्रेडर या  निवेशक पूरी योजना के साथ मार्केट में उतरते हैं। इसलिए सलाह दी जाती है कि आप अपने योजना पर कायम रहें न कि मार्केट की वोलैटिलिटी(उतार-चढ़ाव) देख कर अपनी योजना बदल दें।

6. जोखिम से डरे नहीं

कभी-कभी देखा जाता है कि लोगों को शुरुआत में नुकसान हो जाने से वे आगे ट्रेड करने से हिचकते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए आप अगर लाभ की उम्मीद के साथ मार्केट में आते हैं तो आपको जोखिम उठाने के लिए भी तैयार रहना चाहिए।

7. योजना के साथ निवेश करें

निवेश से पहले निवेश की योजना का होना महत्वपूर्ण है। उतने ही पैसे लगाएं जिसका नुकसान आप झेल सकते हैं। कभी भी उधार लेकर निवेश न करें क्योंकि जरूरी नहीं कि शेयर मार्केट आपको केवल लाभ ही दे।

8. जितना ज्यादा पैसा उतनी ज्यादा रिसर्च

ट्रेडर का सारा ध्यान लाभ कमाने पर होता है जबकि सही तरीका ये है कि आपकी तैयारी आपके निवेश पर निर्भर करती है। यदि आप ज्यादा पैसे निवेश करने की सोच रहे हैं तो जोखिम भी बड़ा होगा इसलिए रिसर्च भी ज्यादा करनी होगी।

9. नए ट्रेडर्स इंट्राडे ट्रेडिंग से बचें

ऐसा माना जाता है कि नए ट्रेडर के लिए इंट्राडे का विकल्प सबसे अच्छा है जबकि सच्चाई इससे कहीं अलग है। इंट्राडे ट्रेडिंग में केवल वही ट्रेडर लाभ प्राप्त कर सकते हैं जिसकी मार्केट की समझ बेहतर है।

10. स्टॉक मार्केट का कोर्स करे

स्टॉक मार्केट के ज्ञान और समझ को बढ़ाने के लिए आप शेयर मार्केट से जुड़े कोर्स (share market course in hindi) भी कर सकते है। ये कोर्स ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्लेटफार्म पर होता है जो आप अपनी सुविधा के अनुसार शुरू कर सकते है।

तो ये थे शेयर मार्केट के फायदे और नुकसान और साथ ही ज़्यादा नुक्सान से बचने के कुछ टिप्स। इन्हे जाने और शेयर मार्केट में निवेश करने की योजना बनाए


निष्कर्ष

शेयर मार्केट हाई रिटर्न पाने का माध्यम जरूर है लेकिन यहां जितनी संभावना लाभ पाने की होती है उतनी ही आशंका नुकसान की भी होती है। इसलिए सलाह यह दी जाती है कि निवेश से पहले मार्केट को समझें, उसके व्यव्हार को समझें, आर्थिक सलाहकारों से सलाह लें, निवेश की योजना बनाएं और तब जाकर शेयर मार्केट में निवेश करें।

बिना तैयारी के केवल लाभ कमाने की उम्मीद में शेयर मार्केट में आना फायदे से ज्यादा नुकसानदेह साबित हो सकता है। इसलिए यदि आपके मन में भी किसी और को देख कर शेयर मार्केट में निवेश करने का मन हो रहा है तो पहले शेयर मार्केट के बारे में पढ़ें।

इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कई तरह के विकल्प मौजूद हैं जो ऑनलाइन शेयर मार्केट से जुड़े कोर्स ऑफर करती है। इन सब में सबसे भरोसेमंद और विश्वसनीय विकल्प Stock Pathshala है। यहां टेक्स्ट, ऑडियो और वीडियो तीनों फॉर्मेट में बेसिक्स और एडवांस लेवल में कोर्स उपलब्ध है। 


 

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