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Intraday Trading Tips in Hindi 

intraday trading tips in hindi

इंट्राडे ट्रेडर्स लॉन्ग-टर्म निवेशक से ज्यादा अस्थिरता का अनुभव करते हैं। हालाँकि, आप सही ज्ञान के साथ इंट्राडे ट्रेडिंग से ज्यादा लाभ कमा सकते हैं। लेकिन बहुत सारे ट्रेडर्स इंट्राडे ट्रेडिंग में सफलता पाने के लिए सही टिप्स (intraday trading tips in hindi) की तलाश में रहते हैं। 

क्योंकि इंट्राडे ट्रेडिंग में ट्रेडर्स के पैसे को आसानी से खत्म होने की सम्भावना रहती है और इसलिए काफी ट्रेडर्स इंट्राडे ट्रेडिंग कैसे सीखें इस बारे में जानने के लिए उत्सुक रहते है। 

इंट्राडे ट्रेडिंग सीखने के कई विकल्प है और उनमे से सबसे पहला है सही शेयर मार्केट टिप्स और नियमों को समझना और उसका पालन करना। 

इस लेख में Intraday Trading Tips in Hindi दी गई है जिसका पालन कर नए और अनुभवी ट्रेडर्स ज़्यादा मुनाफा कमा सकते है। 

तो आइए शुरू करते है। 

इंट्राडे ट्रेडिंग टिप्स 

अब जैसे की आप जानते ही है की इंट्राडे ट्रेडिंग में आपको एक ही दिन के अंदर शेयर खरीदने और बेचने होते है, जिसके लिए ऐसे स्टॉक्स का चयन करना होता है जिसमे अस्थिरता ज़्यादा हो। 

इसी कारण इंट्राडे ट्रेडिंग (जोखिम भरा हो सकता है, लेकिन सही ज्ञान और समझ के साथ आप इंट्राडे ट्रेड में सफलता प्राप्त भी कर सकते है। तो अगर आप सोच रहे की शेयर मार्केट में इंट्राडे ट्रेडिंग कैसे करें तो शुरुआत करते है सही टिप्स के साथ जिनका विवरण नीचे दिया गया है। 

1. इंट्राडे के लिए स्टॉक कैसे चुने

जैसेकि आपको पता हैं की इंट्राडे ट्रेडिंग में शेयर की खरीद और बिक्री मार्केट बंद होने से पहले होती है, या आपकी सारी ओपन पोजीशन स्क्वायर ऑफ हो जाती है। आज का पहला टिप्स यह है की मध्यम कैप स्टॉक और स्माल कैप स्टॉक में जहाँ लिक्विडिटी हो उसे इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए चुनें। 

आप अपने सभी ट्रेडिंग पैसे केवल एक स्टॉक में निवेश नहीं करें। यह आपको जोखिम कम करने और इंट्राडे ट्रेडिंग रणनीति को संतुलित रखने में मदद करता है। 

सही स्टॉक का चयन कैसे करें उसके लिए आप शेयर मार्केट से जुड़ी किताबें (stock market books in hindi) भी पढ़ सकते है। 


2. इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए स्टॉक चुनने की प्रक्रिया 

इंट्राडे ट्रेडर्स अक्सर ट्रेडिंग के वॉल्यूम के आधार पर स्टॉक चुनने का निर्णय लेते हैं। आमतौर पर यह बेहतर होता है की आप वैसे स्टॉक्स चुनें जो ज्यादा वॉल्यूम में ट्रेड होती है। क्योंकि यदि ट्रेडिंग वॉल्यूम ज्यादा है, तो उसके अनुसार कीमत में भी अस्थिरता रहती है जिससे आपको मुनाफा कमाने का मौका ज़्यादा मिलता है। 

सही स्टॉक को चुनने के लिए आप समाचार का भी अनुसरण कर सकते है। अधिकतर मामले में, अच्छी खबर आने पर कंपनी के स्टॉक कीमत में बढ़ोतरी होती है। 

न्यूज़ और वॉल्यूम के आधार पर चुने गए स्टॉक्स की टेक्निकल एनालिसिस कर सकते है जिससे आप उनके ट्रेंड, सपोर्ट, और रेजिस्टेंस लेवल का पता लगा सकते है और साथ ही स्टॉक में होने वाली मूवमेंट की जानकारी प्राप्त कर सकते है। 

सपोर्ट और रेजिस्टेंस की सही जानकारी के लिए आप इंट्राडे ट्रेडिंग फॉर्मूला का भी उपयोग कर सकते है जो आपको बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है

अगर आप एक शुरूआती ट्रेडर है तो स्टॉक के तकनीकी विश्लेषण को समझने के लिए टेक्निकल एनालिसिस बुक्स (technical analysis books in hindi) को पढ़ सकते है। 


3. प्रवेश और निकलने के समय को जानें 

अब स्टॉक चयन के बाद ज़रूरी होता है सही समय को निर्धारित करना जिसके अनुसार आप अपनी इंट्राडे ट्रेडिंग पोजीशन ले सकते है। कई बार ट्रेडर स्टॉक में एक पोजीशन ले लेते है लेकिन सही समय पर एग्जिट न करने पर उन्हें नुकसान का सामना करना पड़ता है।

काफी नए ट्रेडर बढ़ते हुए स्टॉक्स प्राइस में ज़्यादा लालची हो जाते है लेकिन अस्थिरता के चलते ये अनुमान लगाना मुश्किल होता है की कब वह स्टॉक विपरीत दिशा की ओर जाने लग जाए

ये चुनौती ज़्यादातर एक शुरुआती ट्रेडर के सामने ज़्यादा आती है

तो स्टॉक में पोजीशन लेने और एग्जिट करने का समय आपके ट्रेडिंग को सफल बनाने में काफी बड़ा योगदान रखता है


4. स्टॉप लॉस स्तर तय करें 

इंट्राडे ट्रेडिंग में यह सम्भावना रहती है की जिस शेयर को आप चुनते हैं उसमें बढ़ोतरी की जगह उसमें गिरावट आ जाए। इसलिए यह निर्णय करें की आपके पोजीशन स्क्वायर ऑफ होने से पहले स्टॉक के कीमत में कितनी गिरावट हो सकती है। यहाँ नुकसान की सम्भावना कम रहती है। 

अनुभवी ट्रेडर सलाह देंगे की यह सबसे महत्वपूर्ण उपाय है। इसलिए आपके लिए यह आवश्यक है की आप स्टॉप लॉस ऑर्डर (stop loss meaning in hindi) बारे में जाने और एक सही ट्रिगर प्राइस तय करें। 

एक उदाहरण के तौर पर इसे समझते हैं, मान लीजिए आपने 200 रुपए पर ख़रीदा है और आपने स्टॉप लॉस आर्डर 5% (190) पर तय किया है, इस मामले में अगर स्टॉक की प्राइस 190 रुपए पर पहुँचती है और उसके कीमत में गिरावट की सम्भावना होती है और स्टॉक का प्राइस 180 या उससे नीचे गिरता है, तब स्टॉप लॉस आर्डर खुद-ब-खुद एक्सेक्यूट हो जाएगा, और ट्रेड 190 रुपए पर एक्सेक्यूट हो जाएगा।

स्टॉप लॉस की वैल्यू दर्ज़ करने के लिए आपको एक ट्रिगर प्राइस भी दर्ज़ करना होता है ये वह प्राइस होता है जब स्टॉक का प्राइस विपरीत जाने पर एक्सचेंज के पास आपके आर्डर की डिटेल भेजी जाती है

मान लेते है की आपने 190 रुपये पर स्टॉप लॉस लगाया है तो इसमें ट्रिगर प्राइस 190 से थोड़ा ज़्यादा, 192 होगा यहाँ पर स्टॉक का प्राइस जब 192 तक पहुंचेगा तब आपका आर्डर ट्रिगर होगा और एक्सचेंज के पास दर्ज़ होगा और जैसे ही प्राइस और नीचे गिरकर 190 को हिट होगा आपका आर्डर एक्सेक्यूटे हो जाएगा।

इस तरह से स्तर की जानकारी के लिए शेयर मार्केट का गणित को अच्छे से समझे और उसके अनुसार एक सही वैल्यू में एग्जिट कर अपने नुकसान को सीमित करें

जिससे यह सुनिश्चित होता है की आपको ज़्यादा नुकसान का सामना नहीं करना होता।


5. टारगेट पहुँचने पर लाभ बुक करें 

सफल इंट्राडे ट्रेडर्स के पीछे का रहस्य ज्यादा लेवेरज (Leverage) और ज्यादा मार्जिन (Margin) है जिसका ट्रेडर्स फायदा उठाते हैं। लेवेरज और मार्जिन मुनाफा बढ़ाने में मदद करता है (और नुकसान भी)। 

इसके पीछे ट्रिक यह है की एक बार टारगेट प्राप्त करने के बाद ज्यादा लालच नहीं करें। नुकसान के जाल में फंसने से बचें, जहाँ पर आप उम्मीद करते हैं की कीमत में बढ़ोतरी होगी। लेकिन, यदि आपके पास अच्छा कारण है की स्टॉक सही दिशा में अपनी चाल बदलेगा तब आप उसके अनुसार स्टॉप-लॉस तय करें। 


6. मार्केट को चैलेंज न करें 

मार्केट की गति की पहले से जानकारी होना असंभव के समान है। जैसाकि आपको पता हैं की सभी कारक बुलिश मार्केट की सम्भावना की ओर इशारा कर रहे हैं। और इसके बाद, आप उम्मीद करते हैं की आपकी टारगेट स्टॉक में बढ़ोतरी होगी। लेकिन अगर मार्केट के स्टॉक प्राइस में बढ़ोतरी नहीं होती है तो उस समय स्टॉक को बेचने का निर्णय आपके लिए लाभदायक हो सकता है।


7. शुरुआती ट्रेडर्स पहले एक घंटे में न करे ट्रेड 

इंट्राडे ट्रेडर्स के लिए सबसे अच्छी सलाह यह है की शुरुआती समय में ट्रेडिंग नहीं करें क्योंकि बाजार की अस्थिरता इस समय में काफी ज्यादा रहती है।

बहुत सारे अनुभवी ट्रेडर 9:30 से 10:30 का समय’के इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए बेहतर मानते हैं। 

स्टॉक मार्केट काफी अस्थिर होता है इसलिए ट्रेडर को शुरूआती समय में मार्केट की जाँच करनी चाहिए और उसके बाद ट्रेडिंग शुरू करना चाहिए।


8. इंट्राडे ट्रेडिंग नियम का अनुसरण करें 

सफल इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए यह जरुरी है की इंट्राडे ट्रेडिंग नियम (intraday trading rules in hindi) का अनुसरण करें। मार्केट अनुभवी आमतौर पर यह सलाह देते हैं की जब मार्केट खुलता है तब स्टॉक खरीदने और बेचने से बचें। क्योंकि कंपनी के स्टॉक आमतौर पर दिन के पहले घंटे में काफी अस्थिर होते हैं। 

नए ट्रेडर्स को शुरुआत में कम पैसों से ट्रेड करना चाहिए। मार्केट की अस्थिरता के लिए ट्रेडर्स को अपने इंट्राडे ट्रेडिंग रणनीति को पहले से निर्धारित करना चाहिए। 

कुछ शुरुआती ट्रेडर पेपर ट्रेडिंग कर भी इंट्राडे ट्रेडिंग में लाभ प्राप्त कर सकते है


9. शेयर मार्किट चार्ट को समझे 

शेयर मार्केट चार्ट का बहुत महत्वपूर्ण योगदान है, लेकिन उसके लिए ज़रूरी है सही चार्ट का चयन करना और उसके बाद सही टाइम फ्रेम को चुनकर विश्लेषण करना। अगर आप नए है तो शेयर मार्केट चार्ट की जानकारी प्राप्त करे और उसके अनुसार अपना ट्रेड निर्णय ले।

डेली चार्ट शार्ट टर्म स्टॉक प्राइस को जाँचने में मदद करता है।और चार्ट को आप अपने सहजता के अनुसार अलग-अलग टाइम फ्रेम में देखने के लिए चुन सकते हैं। सही टाइम फ्रेम और चार्ट का सही इस्तेमाल करने के लिए स्टॉक मार्केट को समझे। अगर आप शेयर मार्केट कैसे सीखे का सही विकल्प ढूंढ रहे है तो उसके लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन मौजूदा विकल्प चुन सकते है।


निष्कर्ष 

इंट्राडे ट्रेडिंग (intraday trading in hindi) समय में ज़्यादा पैसा कमाने आसान जरिया होता है। 

इंट्राडे ट्रेडर्स स्टॉक मार्केट की अस्थिरता से लाभ उठा सकते हैं। ट्रेडर्स का उद्देश्य अलग-अलग कारक की वजह से स्टॉक की कीमत में हो रहे उतार-चढाव की वजह से लाभ कमाना होता है और इसी अस्थिरता से आप ज़्यादा लाभ कमा सकते है। 

इंट्राडे ट्रेडिंग में लाभ के अलावा नुकसान भी जुड़े होते हैं इसलिए ट्रेडर्स को इंट्राडे ट्रेडिंग टिप्स का अनुसरण करना चाहिए। इंट्राडे टिप्स आपको ट्रेड्स से मुनाफा कमाने में ही नहीं बल्कि आपके नुकसान को भी कम करता है। 

इस लेख में दर्शाए गए टिप्स से सही स्टॉक चुनने और सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी जिससे आप ज्यादा लाभ कमा पाएंगे। 

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